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कलवता



                                                      सपनों की उडान

                                                   सपनों से है जीवन प्र्ार,

                                                        ें
                                                 हर मन म एक सुनहरा लसतारा।
                                                                      े
                                                             े
                                                      े
                                                  छोट हैं र्ा बड ख्वाब सार,
                                                                    े
                                                    जगाते हैं अरमान हमार।
                                               नींद में ही नहीं, जागते हुए भी देखें ,

                                                       े
                                            हर मुलश्कल स क ुछ सीखें, ना रुक, ना थक।
                                                                     े
                                                                           े
                                                  आसमान छूना है अगर तुम्हें
                                                  तो हौसले को रखना बुलंद।।

                                                                                        आधीरा

                                                                                        VII स


                                     नई लशक्षा नीलत: लशक्षा की नई लदशा



                 भारत की नई लशक्षा नीलत 2020 लशक्षा क क्षेि में एक ऐलतहालसक बदलाव है, जो लवद्यालथयर्ों क सवाांगीण लवकास
                                                                                         े
                                                 े
                                                     ें
                 और 21वीं सदी की आवश्र्कताओं को ध्र्ान म रखकर बनाई गई है। इस नीलत का उद्देश्र् लशक्षा को अलधक समावेशी,
                 लचीला और कौशल-आधाररत बनाना है।


                                                                                े
                 नई नीलत में 10+2 की जगह अब 5+3+3+4 की संरचना लागू की गई है, लजसस बच्चों की प्रारंलभक लशक्षा को
                 अलधक मजबूत और वैज्ञालनक बनार्ा गर्ा है। कक्षा 5 तक मातृभार्ा र्ा स्थानीर् भार्ा म लशक्षा देने का प्रावधान है,
                                                                                    ें
                 लजससे बच्चे सहज ऱूप से ज्ञान ग्रहण कर सक। इसक साथ ही लवद्यालथयर्ों को अब रुलच क अनुसार लवर्र् चुनने की
                                                         े
                                                                                    े
                                                   ें
                 स्वतंिता होगी, लजसस वे अपनी प्रलतभा और रुलच क अनुऱूप आगे बढ सक।
                                  े
                                                                         ें
                                                        े
                 नीलत में व्र्ावसालर्क लशक्षा, लडलजटल ललनांग, और लशक्षकों क प्रलशक्षण पर भी लवशेर् ज़ोर लदर्ा गर्ा है। इससे
                                                                 े
                 लवद्यालथयर्ों को कवल लकताबी ज्ञान ही नहीं, बलकक जीवन उपर्ोगी कौशल भी प्राप्त होंगे।
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                                                                             े
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                                                                                      े
                                                          य
                 हालालक इस ज़मीनी स्तर पर लागू करना एक चुनौतीपूण कार्य है, लेलकन अगर इस सही ढंग स लक्रर्ालन्वत लकर्ा जाए,
                     ँ
                                                                            ें
                                                                      े
                 तो र्ह भारत को एक लशलक्षत, आत्मलनभयर और नवाचार-प्रधान राष्र क ऱूप म स्थालपत कर सकती है। सचमुच, र्ह
                           े
                 नीलत लशक्षा क क्षेि में एक कदम नहीं, बलकक एक लंबी छलांग है – भलवष्र् की ओर।
                                                                                      मनप्रीत शमाय
                                                                                         X अ
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