Page 9 - MS Hindi Patrika
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कलवता
सपनों की उडान
सपनों से है जीवन प्र्ार,
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हर मन म एक सुनहरा लसतारा।
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छोट हैं र्ा बड ख्वाब सार,
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जगाते हैं अरमान हमार।
नींद में ही नहीं, जागते हुए भी देखें ,
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हर मुलश्कल स क ुछ सीखें, ना रुक, ना थक।
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आसमान छूना है अगर तुम्हें
तो हौसले को रखना बुलंद।।
आधीरा
VII स
नई लशक्षा नीलत: लशक्षा की नई लदशा
भारत की नई लशक्षा नीलत 2020 लशक्षा क क्षेि में एक ऐलतहालसक बदलाव है, जो लवद्यालथयर्ों क सवाांगीण लवकास
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और 21वीं सदी की आवश्र्कताओं को ध्र्ान म रखकर बनाई गई है। इस नीलत का उद्देश्र् लशक्षा को अलधक समावेशी,
लचीला और कौशल-आधाररत बनाना है।
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नई नीलत में 10+2 की जगह अब 5+3+3+4 की संरचना लागू की गई है, लजसस बच्चों की प्रारंलभक लशक्षा को
अलधक मजबूत और वैज्ञालनक बनार्ा गर्ा है। कक्षा 5 तक मातृभार्ा र्ा स्थानीर् भार्ा म लशक्षा देने का प्रावधान है,
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लजससे बच्चे सहज ऱूप से ज्ञान ग्रहण कर सक। इसक साथ ही लवद्यालथयर्ों को अब रुलच क अनुसार लवर्र् चुनने की
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स्वतंिता होगी, लजसस वे अपनी प्रलतभा और रुलच क अनुऱूप आगे बढ सक।
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नीलत में व्र्ावसालर्क लशक्षा, लडलजटल ललनांग, और लशक्षकों क प्रलशक्षण पर भी लवशेर् ज़ोर लदर्ा गर्ा है। इससे
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लवद्यालथयर्ों को कवल लकताबी ज्ञान ही नहीं, बलकक जीवन उपर्ोगी कौशल भी प्राप्त होंगे।
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हालालक इस ज़मीनी स्तर पर लागू करना एक चुनौतीपूण कार्य है, लेलकन अगर इस सही ढंग स लक्रर्ालन्वत लकर्ा जाए,
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तो र्ह भारत को एक लशलक्षत, आत्मलनभयर और नवाचार-प्रधान राष्र क ऱूप म स्थालपत कर सकती है। सचमुच, र्ह
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नीलत लशक्षा क क्षेि में एक कदम नहीं, बलकक एक लंबी छलांग है – भलवष्र् की ओर।
मनप्रीत शमाय
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