Page 4 - MS Hindi Patrika
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संदेश
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पररदृश्र् क इस
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लवशर्ांक म आप सभी
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का स्वागत करते हुए
मुझ अत्र्ंत प्रसन्नता हो
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रही है। र्ह पलिका हमार े
लवद्यालथयर्ों की सोच,
ककपना और रचनात्मक
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ऊजा का एक सुंदर
प्रलतलबंब है। प्राथलमक
लशक्षा एक ऐसी नींव है,
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लजस पर संपूण जीवन
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की इमारत खडी होती है। इस स्तर पर बच्चों को कवल शैक्षलणक ज्ञान ही नहीं, बलकक संवेदनशीलता, सहर्ोग,
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लवलवधता क सम्मान और सामालजक समरसता जस जीवन मूकर्ों की भी लशक्षा देना हमारा मुख्र् उद्देश्र् होना चालहए।
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इसी संदभय म, आज की सबस महत्वपूण शलक्षक अवधारणाओं म स एक है — समावेशी लशक्षा (Inclusive
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Education)।
समावेशी लशक्षा का अथय है – ऐसा शैलक्षक वातावरण बनाना लजसमें सभी बच्चे, चाहे वे लकसी भी सामालजक,
शारीररक, मानलसक र्ा आलथक पृष्ठभूलम स हों, समान अवसरों और संसाधनों क साथ लशक्षा प्राप्त कर सक। र्ह लवचार
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कवल सहानुभूलत पर आधाररत नहीं, बलकक समानता, सम्मान और न्र्ार् की नींव पर लटका है।
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द मान स्क ूल क प्राथलमक खंड म हम समावेशी लशक्षा को न कवल अपनाते हैं, बलकक उसे अपने दैलनक अभ्र्ास का
लहस्सा बनाते हैं। हम मानते हैं लक हर बच्चा लवलशि है — उसकी सीखने की गलत, रुलचर्ाँ, क्षमता और ज़ऱूरतें अलग
हो सकती हैं, लेलकन उसका अलधकार एक समलपयत, सशि और सहार्क शलक्षक अनुभव पर समान ऱूप स है।
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हमारी लशलक्षकाएँ व्र्लिगत ध्र्ान, अनुक ूल लशक्षण रणनीलतर्ा, और सहर्ोगात्मक गलतलवलधर्ों क माध्र्म से बच्चों
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को एक ऐसा वातावरण प्रदान करने का प्रर्ास करती हैं जहाँ वे न कवल सीखें, बलकक आत्मलवश्वास क साथ उभर।
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समावेशी लशक्षा बच्चों में सहानुभूलत, सलहष्णुता और सहर्ोग जस मूकर्ों को भी जन्म देती है — जो आज क समाज
में पहले से कहीं अलधक आवश्र्क हैं।
इस प्रर्ास म आप सभी अलभभावकों की सहभालगता और सहर्ोग भी अत्र्ंत सराहनीर् है। एक सशि शलक्षक
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पाररलस्थलतकी तभी संभव है जब घर और लवद्यालर् लमलकर बच्चे क समग्र लवकास म भागीदार बनें।
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अंत म, म इस पलिका स जुड सभी लवद्यालथर्ों, लशक्षकों एवं संपादकीर् दल को हालदयक बधाई देती ह ँ, लजन्होंने इसे
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इतना समृि और प्ररणादार्क बनार्ा।
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सदैव लशक्षा व समावेश की भावना क साथ,
(डॉ लनलध दीवान)
प्रधानाध्र्ालपका प्राथलमक लवद्यालर्

