Page 3 - MS Hindi Patrika
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संदेश


                 हम र्ह बताते हुए अत्र्ंत हर् हो रहा है लक द मान स्क ूल
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                                       य
                 की लहंदी पलिका"पररदृश्र्"  का र्ह नवीन अंक आप सबक
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                 समक्ष प्रस्तुत लकर्ा जा रहा है। र्ह पलिका न कवल हमार  े

                 लवद्यालथयर्ों  की  रचनात्मकता,  अलभव्र्लि  और

                 संवेदनशीलता का आईना है, बलकक र्ह हमार लवद्यालर्
                                                    े
                 की  सांस्कृलतक  एवं  बौलिक  चेतना  को  भी  प्रलतलबंलबत

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                                                   े
                 करती है। आज क बदलते पररदृश्र् म लशक्षा कवल पुस्तकों
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                 तक सीलमत नहीं रही, बलकक वह जीवन मूकर्ों, सामालजक

                 उत्तरदालर्त्व और समग्र लवकास की लदशा में अग्रसर हो

                                                            ै
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                 चुकी है। हम गवय है लक द मान स्क ूल न कवल उत्कृि शक्षलणक वातावरण प्रदान कर रहा है, बलकक लवद्यालथयर्ों को
                                                      े
                 नैलतकता, आत्म-अनुशासन और नेतृत्व क्षमता स भी सुसलज्जजत कर रहा है।
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                                                                            े
                 वररष्ठ लवद्यालर् म हम छािों को आने वाली चुनौलतर्ों क ललए तैर्ार करने क साथ-साथ उनक व्र्लित्व लवकास,
                                                                                         े
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                 कररर्र लनमाण और भावनात्मक बुलिमत्ता को भी प्राथलमकता दे रहे हैं। लशक्षकगण अपने समपयण और नवाचार क
                                                                                                       े
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                 माध्र्म स छािों को प्रररत करने का कार्य लनरंतर कर रहे हैं।
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                 पररदृश्र्  ऐस ही प्रर्ासों का संकलन है — र्ह हमार लवद्यालथर्ों की कलवताओं, कहालनर्ों, लेखों और अनुभवों स भरा
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                 हुआ एक जीवंत प्रमाण है, जो र्ह दशायता है लक हमारी नई पीढी सोचने, समझने और रचनात्मक ऱूप से अलभव्र्ि
                 करने में लकतनी सक्षम है।
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                 म इस अवसर पर सभी लवद्यालथर्ों को उनक उत्तम प्रर्ासों क ललए बधाई देता ह ँ और लशक्षकगण, अलभभावकों तथा
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                 संपादकीर् सलमलत को उनक मागयदशन एवं सहर्ोग हेतु धन्र्वाद ज्ञालपत करता ह ँ।
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                 आइए, हम सब लमलकर लशक्षा को एक जीवंत अनुभव बनाएँ - ऐसा अनुभव जो न कवल ज्ञान दे, बलकक जीवन जीने
                 की कला भी लसखाए।
                 शुभकामनाओं सलहत,

                                                                                         (करन देब)
                                                                                  प्रधानाध्र्ापक वररष्ठ लवद्यालर्
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